स्वास्थ के लिये मनोरञ्जन जरुरी है ? जानिए एक्सपर्ट की राय !!

कहते हैं कि हँसना और रोना भी जरुरी है जिन्दगी के लिये .बहरहाल ,हँसने और रोने के लिये किसी वजह की जरूरत होती है .अब मनोरञ्जन से बेहतर हँसाने और रुलाने का जरिया भला हो भी क्या सकता है.संगीत सुनिये ,नुसरत फतेह अली भी चलेंगे ,गुलाम अली भी .कोई सीरियस फिल्म देखिये या हल्की -फुल्की मसाला फिल्म .पर कितने भी व्यस्त क्यों हो न हों मनोरञ्जन के लिये वक्त जरूर निकालिये .विभिन्न शोधों से पता चला है कि गम्भीर किस्म की सर्जरी के बाद संगीत सुनने से दर्द का एहसास तक कम हो जाता है .अमेरिका में किये गये एक सर्वे के मुताबिक संगीत का प्रभाव वेलियमकी २.५ मि.ग्रा,की खुराक के बराबर होता है .संगीत या किसी अन्य किस्म का बढ़िया मनोरञ्जन के बाद मस्तिष्क से अत्यधिक मात्रा में एण्डार्फिन तत्व का रिसाव होता है .उल्लेखनीय है कि यह तत्व हमारे ‘मूड’ को बढ़िया बनाने का काम करता है .

‘एस एस मिडिया डेस्क ‘

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